नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत से पहले सरकार ने आम निवेशकों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक इन योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज पहले जैसा ही रहेगा। लगातार आठवीं बार सरकार ने दरों को स्थिर रखा है, जिससे निवेशकों को एक तरह की स्थिरता और भरोसा मिला है।
किन योजनाओं पर कितना मिलेगा ब्याज?
सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अलग-अलग योजनाओं पर ब्याज दरें इस प्रकार हैं:
- सुकन्या समृद्धि योजना: 8.2% सालाना
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): 7.1% सालाना
- नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC): 7.7% सालाना
- किसान विकास पत्र (KVP): 7.5% (115 महीने में मैच्योरिटी)
- पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट: 4% सालाना
- मंथली इनकम स्कीम (MIS): 7.4% सालाना
- 3 साल का टाइम डिपॉजिट: 7.1% सालाना
लगातार 8वीं बार नहीं बदली दरें
सरकार ने आखिरी बार कुछ योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में किया था। इसके बाद से लगातार आठ तिमाहियों से दरें स्थिर बनी हुई हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या है मतलब?
ब्याज दरों में कोई बदलाव न होने का मतलब है कि निवेशकों को पहले की तरह ही तय रिटर्न मिलता रहेगा। यह उन लोगों के लिए अच्छी खबर है जो सुरक्षित और निश्चित रिटर्न वाली योजनाओं में निवेश करते हैं। खासकर रिटायरमेंट प्लानिंग और बच्चों के भविष्य के लिए ये योजनाएं भरोसेमंद मानी जाती हैं।
छोटी बचत योजनाएं क्यों हैं खास?
छोटी बचत योजनाएं सरकार द्वारा समर्थित होती हैं, इसलिए इनमें जोखिम बहुत कम होता है। बाजार के उतार-चढ़ाव का इन पर असर नहीं पड़ता और निवेशक को निश्चित ब्याज मिलता है। यही वजह है कि मध्यम वर्ग और छोटे निवेशकों के बीच ये योजनाएं काफी लोकप्रिय हैं।